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जीवामृत क्या है, इसको कैसे बनायें, सम्पूर्ण जानें:what is jeevamrit

By ऑर्गैनिक खेती

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जीवामृत क्या है
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जीवामृत:- किसान साथियों नमस्कार, जीवामृत एक प्राकृतिक और जैविक खाद है। जो मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने और पौधों को पोषण देने के लिए बनाया जाता है। इसे “माइक्रोबियल कल्चर” भी कहा जाता है। जो गाय के गोबर, मूत्र, और अन्य सामग्री से तैयार किया जाता है। यह एक तरल जैविक खाद होता है। यह प्राकृतिक बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों को सक्रिय करता है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है। जीवामृत का प्रयोग आप सभी प्रकार की फसलों में कर सकते हैं। इसको स्प्रे द्वारा या ड्रेंचिंग द्वारा फसलों में चलाया जाता है। जीवामृत को कैसे बनाएँ, इसका प्रयोग कैसे करें, इस बारे में आपको इस लेख में संपूर्ण जानकारी मिलेंगे।

जीवामृत कैसे बनायें

किसान साथियों, जीवामृत को आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं। इसको बनाने के लिए आपको एक प्लास्टिक का ड्रम, 10kg देसी गाय का गोबर, 10kg देसी गाय का मूत्र, 2kg गुड, 2kg बेसन, 1kg जैविक मिट्टी और 100 लीटर पानी की आवश्यकता पड़ेगी। एक प्लास्टिक के ड्रम में 100 लीटर पानी लेकर, इसमें 10kg देसी गाय का गोबर, 10kg देसी गाय का मूत्र, 2kg गुड, 2kg बेसन, 1kg जैविक मिट्टी को डालकर एक छायादार स्थान पर रखें और इसे सुबह शाम अच्छी तरह से हिलाते रहे। गर्मियों में 3-4 दिन और सर्दियों में 5-7 दिन में आपका जीवामृत बनकर तैयार हो जाता है। इसके बाद आप इसका प्रयोग फसलों में कर सकते हैं।

जीवामृत तैयार होने की पहचान आप आसानी से कर सकते हैं। जब इसमें हल्की झाग आनी शुरू हो जाएगी और इसमें हल्की खट्टी गंध भी आएगी। तो समझ लेना की जीवामृत तैयार हो गया है। अगर इसमें बदबू आनी शुरू हो जाए, तो समझ लेना की आप का घोल खराब हो गया और आपको इसे दोबारा बनाना पड़ेगा।

नोट-किसान साथियों जीवामृत बनाते समय केमिकल वाले पानी या गोबर का इस्तेमाल ना करे। जीवामृत के तैयार घोल को 15 दिन के अंदर इस्तेमाल कर लें और जीवामृत तैयार करते समय इसको धूप से बचाएं।

जीवामृत के प्रयोग का तरीका

किसान साथियों जीवामृत को स्प्रे द्वारा या फिर ड्रेंचिंग द्वारा अपनी फसल में चला सकते हैं। स्प्रे में आप 10 लीटर जीवामृत को 100 लीटर पानी में घोल बनाकर अपनी फसल पर छिड़काव कर सकते हैं। और अगर आप अपनी फसल पर ड्रेंचिंग की मदद से जीवामृत को चलाना चाहते हैं। तो आप 100 लीटर जीवामृत को नालियों की सहायता से अपनी फसल में चला सकते हैं। एक एकड़ के लिए 100 लीटर जीवामृत पार्यप्त होता है। जीवामृत का प्रयोग आप हर 15 दिन पर निरंतर अपनी फसलों पर करते रहें।

जीवामृत के फायदे

  • मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाता है।
  • पौधों को प्राकृतिक पोषक तत्व (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस) देता है।
  • रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करता है।
  • पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
  • खेती पर किसानों का खर्च कम होता है।

आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी कैसी लगी। कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं और इसे आगे अन्य किसानों तक अवश्य शेयर करें। धन्यवाद!

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