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वर्मी कम्पोस्ट बनाने का सही तरीका: कचरे को सोना बनाएँ, जानें स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया:How to Make Vermi Compost

By ऑर्गैनिक खेती

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वर्मी कम्पोस्ट
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वर्मी कम्पोस्ट:- आजकल रासायनिक खादों के नुकसान सभी जानते हैं, इसलिए लोग प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें वर्मी कम्पोस्ट या “केचुआ खाद” सबसे अच्छा विकल्प है। यह खाद पर्यावरण के लिए अच्छी है और इसे घर पर ही आसानी से बनाया जा सकता है। चलिए, समझते हैं कि वर्मी कम्पोस्ट क्या है और इसे बनाने का तरीका क्या है।

वर्मी कम्पोस्ट क्या है

वर्मी कम्पोस्ट को “केंचुआ खाद” भी कहते हैं। यह खास केंचुओं द्वारा गोबर, फल-सब्जी के छिलके, पत्तियों, और अन्य कचरे को सड़ाकर बनाई जाती है। ये केंचुए कचरे को खाते हैं, और उसे गहरे रंग की मुलायम खाद में बदल देते हैं। यह खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाने का सुरक्षित तरीका है। रासायनिक खादों की तुलना में वर्मी कम्पोस्ट अधिक फायदेमंद और पर्यावरण के लिए सुरक्षित होती है।

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वर्मी कम्पोस्ट कैसे बनाएं

किसान साथियों वर्मी कम्पोस्ट को आप घर पर आसानी से बना सकते है। इसको बनाना बहुत ही आसान और असरदार तरीका है। इसे बनाने के लिए आपको गोबर, सूखे पत्ते, किचन का कचरा, खेत में बचा हुआ सामान और अन्य जैविक कचरे और लाल केंचुए(Eisenia foetida या Eudrilus eugeniae का चयन करें) के जरूरत पड़ेगी।

  • खाद तैयार करने के लिए ज़मीन पर 1-2 फीट गहरा और 3-4 फीट चौड़ा गड्ढा या सीमेंटेड टैंक बनाएं।
  • गड्ढे में नीचे घास या भूसे की एक परत बिछाएं।
  • इसके बाद इसमें जैविक कचरा जैसे-गोबर या किचन का कचरा, परत दर परत रखें।
  • इसमें नमी बनाए रखने के लिए हल्का पानी छिड़कें।
  • जब गोबर की खाद बन जाये या जैविक कचरा थोड़ा सड़ जाए, तो उसमें केंचुए डालें।
  • बहुत ज्यादा धूप या पानी से बचाएं।
  • लगभग 45-60 दिनों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार हो जाता है।
  • इसे छानकर अलग करें और सूखने के बाद इस्तेमाल करें।
  • तैयार खाद को ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

वर्मी कम्पोस्ट के लिए आसान टिप्स

  • ज्यादा कचरा न डालें: केंचुए जितना खा सकते हैं, उतना ही दें।
  • खट्टे फल कम डालें: संतरे के छिलके जैसी चीजें कम मात्रा में दें।
  • बदबू न आने दें: अगर बदबू आए, तो गड्ढा में सूखी पत्तियां या अखबार मिलाएं।

वर्मी कम्पोस्ट के फायदे

  • मिट्टी को पोषण: इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश जैसे तत्व होते हैं, जो पौधों को धीरे-धीरे मिलते हैं।
  • मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाए: मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, और पानी सोखने की क्षमता बढ़ाता है।
  • कचरा कम करे: किचन के कचरे को खाद बनाकर कूड़े को कम करता है।
  • कीटनाशक की जरूरत कम: स्वस्थ मिट्टी में पौधे मजबूत होते हैं।
  • सस्ता और आसान: घर पर कम जगह और लागत में बन सकता है।

    वर्मी कम्पोस्टिंग आपके पौधों को स्वस्थ रखने और पर्यावरण बचाने का आसान तरीका है। इसे छोटी बालकनी या घर के कोने में भी शुरू कर सकते हैं। थोड़ी मेहनत और समय देकर आप प्राकृतिक खाद बना सकते हैं, और अपने पौधों को हरा-भरा रख सकते हैं। आज ही एक छोटा सा बॉक्स बनाएं और प्रकृति के साथ कदम मिलाएं। धन्यवाद!

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